धरती पर घूमता था एक टन का चूहा!
लंदन वैज्ञानिको ने एक टन से भी ज्यादा वजनी चूहे के जीवाष्म का पता लगाया है जो आज से करीब 40 लाख वर्ष पहले पृथ्वी पर घूमा करता था। बैल के जितना बड़ा यह चूहा दक्षिणी अमेरिका में घूमा करता था जब उत्तरी अमेरिका इस हिस्से से नहीं जुड़ा था।“डेली टेलीग्राफ” की खबर में बताया गया कि यह जीवाष्म उरूग्वे के रियो डे ला प्लाटा में पाया गया। यह चूहे की उस प्रजाति का है जिसमें डिनोमिस ब्रानिकी शामिल है।चूहे की इस प्रजाति का वजन करीब 15 किलो तक हो जाता है।जीवाष्म का विस्तृत अध्ययन कर रहे डा. एर्नोस्टो ब्लांको ने बताया कि चूहे के जीवाष्म की खोपडी करीब 20 इंच लंबी है तथा पूरी लंबाई करीब आठ फुट है। इससे पता लगता है कि यह बैल की तरह का रहा होगा। इसके दांत चार इंच के हैं और दांत की बनावट देखकर लगता है कि पानी में होने वाले पौधे इसका आहार रहे होंगे। यह जीवाष्म 1987 में पाया गया था और उरुग्वे के राष्ट्रीय संग्रहालय मे बक्से में बंद धूल खा रहा था। संग्रहालय के संरक्षक एंड्रीज रिंडरनेट ने इसे देखा और अपने सहयोगी शोधकर्ता एर्नेस्टो ब्लांको ने इसका अध्ययन करने को कहा। ब्लांको के मुताबिक, जब उन्होंने पहली बार चूहे के जीवाश्म को देखा तो वे चौंक गए “क्योंकि यह गाय की खोपड़ी से भी बड़ा था।”